Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: September 1, 2008
अपभ्रंश:भाषा-प्रवाह तथा विशेषतायें
वैदिक, भाषा, साहित्य, संस्कृति तथा इतिहास के अध्ययन से अब यह स्पष्ट हो गया है कि वेदों के रचना-काल में तथा उसके भी पूर्ववर्ती युग में जनभाषा में तथा साहित्यिक भाषा में भाषिक ही नहीं, शब्द-रुपों की रचना में भी अन्तर था। यह अन्तर कई स्तरों पर लक्षित होता है। जैसे-कि उच्चारण, रूप-रचना, [...]
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