हिन्दी साहित्य

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

Posted on: जनवरी 25, 2009

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

भारत को गण्तंत्रता आज से 59 साल पूर्व 26 जनवरी 1950 को हासिल हुइ थी। उस दिन भारत एक गणतंत्र्राज्य बना था। तब से सारे देश में 26 जनवरी गण्तंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस पर पूरे देश भर में छुट्टी मनाई जाती है। गणतंत्र दिवस पर भारत के प्रधान मंत्री दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा लहराते हैं। उसके बाद गणतंत्र दिवस की परेड होती है, जिसमें अनेक झाँकियाँ भी दिखाई जाती हैं। भारत का एक एक प्रदेश एक झाँकी प्रस्तुत करता है। इस परेड में भारत की सांस्कृतिक विभिन्नता की झलक दिखती है। इसके बाद भारतीय सेना, अपनी फ़ायर पावर का प्रदर्शण करती है। इसके बाद सेएन अपने उन वीर जवानों को महावीर चक्र से पुरुस्क्रित करती है जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किये बिना देश की रक्षा में अपनी जान की आहूति दे दी। इस दिन पर भारतीय सरकार उन बच्चों को आदर देती है जो अपनी जान पर खेल कर किसी और कइ जान को बचाया है। सभी स्कूलों में भी इस दिन पर भारतीय झंडा लहराया जाता है और राष्ट्र गान भी गाया जाता है। इस दिन पर सभी लोग अपने परिवार के साथ इस दिन का लुफ़्त उठाते हैं। यह दिन सभी भरतीयों के लिये बहुत महत्त्व्पूर्ण है।

-मिथिलेश वामनकर

About these ads

8 Responses to "गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !"

thanks a lot. it helped so much

on republic day its not our pradhan mantri who hoist flag on lal kila . its the president of india who take salute. please verify and edit

‘जो भरा नहीं है भावों से
जिसमें बहती रसधार नहीं।
वह हृदय नहीं है पत्थर है,
जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।’
आपको गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई …
26 जनवरी आने वाला है, यह दिन सम्पूर्ण भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. 26 जनवरी 2012 से ठीक 22645 दिन पूर्व 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया था. बताया जाता है की पुरे विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहाँ का गणतंत्र सबसे विशाल है. इस दिन को पुरे भारत में बड़े हर्षोल्लास के साथ एक राजकीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है.
ज्ञातव्य हो की हमारे संविधान को 211 विद्वानों द्वारा 2 महीने और 11 दिन में पूरा किया गया था. इस संविधान को 25 नवम्बर 1949 को मंजूरी मिली थी और 24 जनवरी 1950 को सभी सांसदों, विधायकों और अन्य मंत्रियों द्वारा हस्ताक्षर किये जाने के उपरांत ही 26 जनवरी 1950 को पूर्णरूपेण भारत में लागू किया गया था.
इन जंजीरों की चर्चा में कितनों ने निज हाथ बँधाए,
कितनों ने इनको छूने के कारण कारागार बसाए,
इन्हें पकड़ने में कितनों ने लाठी खाई, कोड़े ओड़े,
और इन्हें झटके देने में कितनों ने निज प्राण गँवाए!
किंतु शहीदों की आहों से शापित लोहा, कच्चा धागा।
एक और जंजीर तड़कती है, भारत मां की जय बोलो।
आज देश है मांग रहा वीरों की आहुतियाँ फिर ,,
वीर भगत आजाद विस्मिल की आत्मा व्याकुल फिर,,
देश युवावों का ही है वह ही इसका भविष्य रचें ,,
वीर सुभाष हैं पथ दर्शक फिर से एक इतिहास रचें,,
देश विश्व में आलोकित हो गौरव इसका फिर वापस आये,,
करें कर्म कुछ ऐसा हम भारत स्वर्णिम आभा से रंग जाए,,
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामना ….. जय हिंद वंदे मातरम माँ तुझे प्रणाम माँ तुझे सलाम वंदे मातरम
ch.sanjeev tyagi (kutabpur waley)
33,gazawali roorkee road
muzaffar nagar
2-Add.
Gav—-kutabpur
po.—–Barla
Di………muzaffarnagar U.P
08802222211 Delhi
09457392445 Muzaffar nagar
09760637861 ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

Very Nice .I like it. Thankyou for helping me . Mithilesh Vamankar. I have to write essay on Republic Day in Hindi . Thankyouuuuuuuu
veryyyyyyyyy muchhhhhhhhhh.

Very good poem inspiring to all INDIANS. and good information about our constitution.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

प्रत्याख्यान

यह एक अव्यवसायिक वेबपत्र है जिसका उद्देश्य केवल सिविल सेवा तथा राज्य लोकसेवा की परीक्षाओं मे हिन्दी साहित्य का विकल्प लेने वाले प्रतिभागियों का सहयोग करना है। यदि इस वेबपत्र में प्रकाशित किसी भी सामग्री से आपत्ति हो तो इस ई-मेल पते पर सम्पर्क करें-

mitwa1980@gmail.com

आपत्तिजनक सामग्री को वेबपत्र से हटा दिया जायेगा। इस वेबपत्र की किसी भी सामग्री का प्रयोग केवल अव्यवसायिक रूप से किया जा सकता है।

संपादक- मिथिलेश वामनकर

वेबपत्र को देख चुके है

  • 721,158 लोग

आपकी राय

Dr Vinod Singh Sacha… on जगनिक का आल्हाखण्ड
Anil Ahirwar on जगनिक का आल्हाखण्ड

कैलेण्डर

जनवरी 2009
सो मँ बु गु शु
« अक्टू   फ़र »
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

वेब पत्र का उद्देश्य-

मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ, बिहार, झारखण्ड तथा उत्तरांचल की पी.एस.सी परीक्षा तथा संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के हिन्दी सहित्य के परीक्षार्थियो के लिये सहायक सामग्री उपलब्ध कराना।

यह वेब पत्र सिविल सेवा परीक्षा मे हिन्दी साहित्य विषय लेने वाले परीक्षार्थियो की सहायता का एक प्रयास है। इस वेब पत्र का उद्देश्य किसी भी प्रकार का व्यवसायिक लाभ कमाना नही है। इसमे विभिन्न लेखो का संकलन किया गया है। आप हिन्दी साहित्य से संबंधित उपयोगी सामगी या आलेख यूनिकोड लिपि या कॄतिदेव लिपि में भेज सकते है। हमारा पता है-

mitwa1980@gmail.com

- संपादक

भारत के सर्वश्रेष्ट ब्लॊग

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 69 other followers

%d bloggers like this: