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आदिकाल सन 1000 से 1325 तक हिंदी साहित्य के इस युग को आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने वीर-गाथा काल नाम दिया है। इसका चारण-काल, सिद्ध-सामंत काल और अन्य नाम से भी उल्लेख किया जाता है। इस समय का साहित्य मुख्यतः इन रूपों में मिलता है : सिध्द-साहित्य, नाथ-साहित्य, जैन साहित्य, चारणी-साहित्य, प्रकीर्णक साहित्य। |
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आदिकाल |
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जैन साहित्य की रास परक रचनायें दामोदर पंडित – उक्ति व्यक्ति प्रकरण
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overall notes are very up to date
इस जानकारी मुझे बहुत जरूरत थी। आपने इसे जाल पर प्रदान किया, इसके लिए बहुत धन्यवाद। हिंदी में आप टंकण किए, यह भी प्रशंसा का विषय है।
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[...] आदिकाल [...]
हिन्दी भाषा एवं साहित्य के बारे में वेब पर इतनी सारी जानकारी हिन्दी में उपलब्ध हो रही है, यह अत्यंत हर्ष का विषय है। हिन्दी का भविष्य उज्ज्वल है।
January 20, 2008 at 9:04 am
सराहनीय प्रयास अच्छा लगा आपको पढना ..काफी अच्छी अच्छी रचनाएं हैं आपकी.जल्दी ही फिर आना होगा .
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