Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: October 30, 2007
सुफी संतों को इस्लाम प्रचारक कहा जाता है। उन्हें केवल इस्लाम का प्रचारक कहना ठीक नहीं है, जबकि वे लोग अत्यंत उदार दृष्टिकोण के संत थे। लोग उनसे प्रभावित होकर मुसलमान हो जाते थे। इन संतों में धार्मिक दृष्टिकोण बड़ा व्यापक और उदार था। वे इस्लाम को आवश्यक मानते और विचारधारा की स्वतंत्रता और धार्मिक [...]
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: October 30, 2007
जायसी के प्रेम साधना में कुंडली योग की परिभाषाओं को अंगिकार कर लेने से पद्मावत पर भारतीयता का गहरा रंग चढ़ गया दिखाई देता है। इसमें कवि ने अपनी भावना के अनुरुप ही सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अध्यात्मिक पथों का सहारा लिया है। इसलिए उन्होंने कई ऐसे प्रतीक का प्रयोग किया है, जो [...]
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: October 30, 2007
साधनात्मक रहस्यवाद को जायसी की एक बहुत बड़ी देन है कि उन्होंने इस शुष्क और योगमूलक साधनात्मक रहस्य को अत्यंत सरस और मधुर बनाया है।क. पारस जोति लिलाटदि ओति।
दिष्टि जो करे होइ तेहि जोती।।
ख. होतहि दास परष भा लेना।
धरती सरग भएउ सब सोना।।
भा निरमल तिन्ह पायन परसे।
पावर रुप रुप के दरसे।।
नयन नो देखा कँवल भा, [...]
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: October 30, 2007
रहस्यवादी भक्त परमात्मा को अपने परम साध्य एवं प्रियतम के रुप में देखता है। वह उस परम सत्ता के साक्षात्कार और मिलन के लिए वैकल्प का अनुभव करता है, जैसे मेघ और सागर के जल में मूलतः कोई भेद नहीं है, फिर भी मेघ का पानी नदी रुप में सागर से मिलने को व्याकुल रहता [...]
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: October 30, 2007
अखरावट
अखरावट जायसी कृत एक सिद्धांत प्रधान ग्रंथ है। इस काव्य में कुल ५४ दोहे ५४ सोरठे और ३१७ अर्द्धलिया हैं। इसमें दोहा, चौपाई और सोरठा छंदों का प्रयोग हुआ है। एक दोहा पुनः एक सोरठा और पुनः ७ अर्द्धलियों के क्रम का निर्वाह अंत तक किया गया है। अखरावट में मूलतः चेला गुरु संवाद को [...]
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: October 30, 2007
मलिक मुहम्मद जायसी, मलिक वंश के थे। मिस्त्र में मलिक सेनापति और प्रधानमंत्री को कहते थे। खिलजी राज्यकाल में अलाउद्दीन खिलजी ने अपने चचा को मारने के लिए बहुत से मलिकों को नियुक्त किया था। इस कारण यह नाम इस काल में काफी प्रचलित हो गया। इरान में मलिक जमींदार को कहते हैं। मलिक जी [...]
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