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संत रैदास

Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: November 28, 2007

 

संत रैदास

(१४३३, माघ पूर्णिमा)

प्राचीनकाल से ही भारत में विभिन्न धर्मों तथा मतों के अनुयायी निवास करते रहे हैं।  इन सबमें मेल-जोल और भाईचारा बढ़ाने के लिए सन्तों ने समय-समय पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है।  ऐसे सन्तों में रैदास का नाम अग्रगण्य है।  वे सन्त कबीर के गुरुभाई थे क्योंकि उनके भी गुरु स्वामी रामानन्द थे।  [...]


प्रत्याख्यान

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संपादक- मिथिलेश वामनकर

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- संपादक

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