हिन्दी साहित्य

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रीति काल

Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: October 29, 2007

रीति काल सन 1650 से 1850 तक
इस युग को रीतिकाल इसलिए कहते हैं, क्योंकि इसमें काव्य-रीति पर अधिक विचार हुआ है। इस काल में कई कवि ऐसे हुए हैं जो आचार्य भी थे और जिन्होंने विविध काव्यांगों के लक्षण देने वाले ग्रंथ भी लिखे। इस युग में श्रृंगार की प्रधानता रही। यह युग मुक्तक-रचना का [...]


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संपादक- मिथिलेश वामनकर

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- संपादक

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