Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: February 2, 2009
भारतीय वाङ्गमय में ‘राष्ट्र’ शब्द का प्रयोग वैदिक काल से ही होता रहा है। यजुर्वेद के ‘राष्ट्र में देहि’ और अथर्वेद के ‘त्वा राष्ट्र भृत्याय’ में राष्ट्र शब्द समाज के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। मानव की सहज सामुदायिक भावना ने समूह को जन्म दिया, जो कालान्तर में राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ। राष्ट्र [...]
Tags:
- डॉ,
- श्याम,
1,
100,
21,
24,
70,
अज्ञेय,
अध्ययन,
अपभ्रंश,
अपेक्षित,
अवधी,
असाध्य,
आंचल,
आचार्य,
आत्मकथा,
आदिकाल,
आधुनिक,
आरंभिक,
आलोचनात्मक,
इतिहास,
इस,
उत्तर,
उद्भव,
उपन्यास,
एक,
एकांकी,
और,
कबीर,
कम्प्युटिंग,
कविता,
कहानी,
का,
कामकाजी,
कामायनी,
काव्य,
काव्यधारा,
की,
कुकुरमुत्ता,
कुमारी,
कुल,
के,
कैदी,
कैसा,
कोड,
कौकिला,
क्या,
क्रम,
क्रमांक,
खण्ड,
खड़ी,
गद्य,
गुप्त,
गोदान,
ग्रंथावली,
चतुर्वेदी,
चिन्ता,
चिन्तामणि,
चौहान,
छायावाद,
जयशंकर,
जाऐंगे।,
जायसी,
जीवनी,
झांसी,
तुलसीदास,
त्रिपाठी,
दास,
देवनागरी,
द्वितीय,
द्विवेदी,
द्वीप,
नदी,
नवगीत,
नागमती,
नाटक,
नाथ,
नि:शस्त्र,
निबंध,
निमाड़ी,
निराला,
निर्धारित,
पद-50,
पद्मावत,
पर,
पाठ्य,
पुरानी,
पुस्तकों,
पूछे,
पूजा,
प्रगतिवाद,
प्रथम,
प्रमुख,
प्रयोगवाद,
प्रयोजनीयता,
प्रवृत्तियॉं,
प्रश्न,
प्रश्नपत्र,
प्रसाद,
प्रेमचंद,
प्रेमचन्दोत्तर,
फणीश्वर,
ब,
बघेली,
बुंदेली,
बोलियॉं,
बोली,
ब्रज,
ब्रम्हराक्षस,
भक्तिकाल,
भाग,
भारत की राष्ट्रीय चेतना,
भारत की राष्ट्रीय संचेतना,
भारत-भारती,
भारतेन्दु,
भाषा,
भ्रमरगीतसार,
मध्यकाल,
मध्यप्रदेश,
माखनलाल,
मानस,
मालवी,
मुक्तिबोध,
में,
मैथिलीशरण,
मैला,
यात्रावृत,
युग,
रागविराग,
राजभाषा,
रानी,
राम,
रामचंद्र,
रामचन्द्र,
रामचरित,
राष्ट्रभाषा,
राष्ट्रीय,
रिपोर्ताज,
रीतिकाल,
रेखाचित्र,
रेणु,
लिपि,
वसंत,
विकास,
विद्याए,
वियोग,
वीणा,
वीरों,
वैज्ञानिकता,
वैश्वीकरण,
व्याख्याए,
शक्ति,
शुक्ल,
शुक्लोत्तर,
श्रद्धा,
श्रद्धाभक्ति,
संख्या,
संस्मरण,
समकालीन,
समस्या,
समाधान,
समाधि,
समीक्षा,
सम्पादक,
सांस्कृतिक,
साखियॉ,
साखियॉं,
साहित्य,
साहित्य का,
सिद्धान्त,
सुन्दर,
सुन्दरकाण्ड,
सुभद्रा,
सूरदास,
सूर्यकांत,
से,
सैनानी,
स्वरूप,
हिन्दी,
हिन्दी साहित्य,
हिन्दीभाषा,
है,
हैं,
हो,
।,
। इनमें से
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: February 2, 2009
भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम को लेकर देश में व्याप्त उथल-पुथल को हिन्दी कवियों ने अपनी कविता का विषय बनाकर साहित्य के क्षेत्र में दोहरे दायित्व का निर्वहन किया। स्वदेश व स्वधर्म की रक्षा के लिए कवि व साहित्यकार एक ओर तो राष्ट्रीय भावों को काव्य के विषय के रूप में प्रतिष्ठित कर रहे थे वही दूसरी [...]
Tags:
- डॉ,
- श्याम,
. लोकसेवा,
1,
100,
21,
24,
70,
अज्ञेय,
अधिकारी,
अध्ययन,
अपभ्रंश,
अपेक्षित,
अवधी,
असाध्य,
आंचल,
आचार्य,
आत्मकथा,
आदिकाल,
आधुनिक,
आबकारी अधिकारी,
आयोग,
आरंभिक,
आलोचनात्मक,
इंस्पेक्टर,
इतिहास,
इन्दौर,
इस,
उत्तर,
उद्भव,
उपन्यास,
उषा,
एक,
एकांकी,
एवं,
और,
कबीर,
कमर्सिअल टैक्स,
कम्प्युटिंग,
कविता,
कहानियाँ,
कहानी,
का,
कामकाजी,
कामायनी,
काव्य,
काव्यधारा,
की,
कुकुरमुत्ता,
कुबेरनाथ,
कुमारी,
कुल,
के,
कैदी,
कैसा,
कोड,
कौकिला,
क्या,
क्रम,
क्रमांक,
खण्ड,
खड़ी,
गद्य,
गुप्त,
गोदान,
ग्रंथावली,
घर,
चतुर्वेदी,
चन्द्र,
चन्द्रगुप्त,
चिन्ता,
चिन्तामणि,
चौहान,
छायावाद,
जयशंकर,
जाऐंगे।,
जायसी,
जीवनी,
झांसी,
टापर,
डिप्टी कलेक्टर,
तुलसीदास,
त्रिपाठी,
दास,
देवनागरी,
द्वितीय,
द्वितीय प्रश्न पत्र,
द्विवेदी,
द्वीप,
नकल,
नगेन्द्र,
नदी,
नवगीत,
नागमती,
नाटक,
नाथ,
नि:शस्त्र,
निबंध,
निमाड़ी,
निराला,
निर्धारित,
निलय,
पद-50,
पद्मावत,
पर,
पाठ्य,
पाठ्यक्रम,
पुरानी,
पुस्तकों,
पूछे,
पूजा,
प्रगतिवाद,
प्रथम,
प्रथम प्रश्न पत्र,
प्रदेश,
प्रमुख,
प्रयोगवाद,
प्रयोजनीयता,
प्रवृत्तियॉं,
प्रश्न,
प्रश्नपत्र,
प्रसाद,
प्रारंभिक परीक्षा,
प्रारम्भिक परीक्षा,
प्रियंवदा,
प्रेमचंद,
प्रेमचन्दोत्तर,
फणीश्वर,
ब,
बघेली,
बमनकर,
बामनकर,
बालकृष्ण,
बुंदेली,
बेटी,
बोलियॉं,
बोली,
ब्रज,
ब्रम्हराक्षस,
बड़े,
भक्तिकाल,
भट्ट,
भाग,
भारत-भारती,
भारतेन्दु,
भाषा,
भूगोल,
भ्रमरगीतसार,
म.प्र,
मध्य,
मध्यकाल,
मध्यप्रदेश,
महादेवी,
माखनलाल,
मानस,
मालवी,
मिथलेश,
मिथिलेश,
मुक्तिबोध,
में,
मैथिलीशरण,
मैला,
यात्रावृत,
युग,
रागविराग,
राजभाषा,
रानी,
राम,
रामचंद्र,
रामचन्द्र,
रामचरित,
राय,
राष्ट्रभाषा,
राष्ट्रीय,
रिपोर्ताज,
रीतिकाल,
रेखाचित्र,
रेणु,
लछमा,
लिपि,
लोक प्रशासन,
वर्मा,
वसंत,
वाणिज्यिक कर,
वापसी,
वामनकर,
विकास,
विद्याए,
वियोग,
वीणा,
वीरों,
वैज्ञानिकता,
वैश्वीकरण,
व्याख्याए,
शक्ति,
शुक्ल,
शुक्लोत्तर,
श्रद्धा,
श्रद्धाभक्ति,
संख्या,
संस्मरण,
सत्येन्द्र,
समकालीन,
समसामयिकी,
समस्या,
समाधान,
समाधि,
समीक्षा,
सम्पादक,
सांस्कृतिक,
साक्षात्कार,
साखियॉ,
साखियॉं,
सामान्य अध्ययन,
सामान्य हिन्दी,
साहित्य,
साहित्य का,
सिद्धान्त,
सुन्दर,
सुन्दरकाण्ड,
सुभद्रा,
सूरदास,
सूर्यकांत,
से,
सैनानी,
स्वरूप,
हजारी,
हिन्दी,
हिन्दी की राष्ट्रीय सांस्कृतिक,
हिन्दी साहित्य,
हिन्दीभाषा,
है,
हैं,
हो,
।,
। इनमें से,
betul,
bhopal,
bihar,
Civil Services Examinations,
commercial tax officer,
cto,
dc,
deputy collector,
exam,
Final Result,
General Studies,
Geography,
gorakhar,
GS,
hindi,
Hindi literature,
hindi portal,
hindi website,
history,
ias,
indias first hindi site for civil service,
Indore,
jayashankar prasad,
jharkhand,
knowledge,
List of Optional Papers for Main Examination,
Madhya Pradesh Public Service Commission,
madhyapradesh samany gyan,
Main Exam Syllabus,
mithilesh,
mithlesh,
MP GS,
mpgs,
narmada,
nirala,
Preliminary Exam Syllabus,
psc hindi,
Public Administration,
rajisthan psc,
shikhar ics,
Sociology,
sunil singh,
up,
uttarakhand,
vamankar,
vamanker,
wamankar
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: February 1, 2009
साहित्य की प्रचलित धाराओं के बरअक्स अपनी एक जुदा राह बनाने वाले जैनेन्द्र को गांधी दर्शन के प्रवक्ता, लेखक के रूप में याद किया जाता है। गांधीवादी चिंतक, मनोवैज्ञानिक कथा साहित्य के सूत्रधार, साहित्यकार जैनेन्द्र को उनके विशिष्ट दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक साहित्य के लिये भी जाना जाता है। हिन्दू रहस्यवाद, जैन दर्शन से प्रभावित जैनेन्द्र [...]
Tags:
- डॉ,
- श्याम,
. लोकसेवा,
1,
100,
21,
24,
70,
अज्ञेय,
अधिकारी,
अध्ययन,
अपभ्रंश,
अपेक्षित,
अवधी,
अविज्ञान,
असाध्य,
आंचल,
आचार्य,
आत्मकथा,
आदिकाल,
आधुनिक,
आबकारी अधिकारी,
आयोग,
आरंभिक,
आलोचनात्मक,
इंस्पेक्टर,
इतिहास,
इन्दौर,
इस,
उत्तर,
उद्भव,
उपन्यास,
उषा,
एक,
एकांकी,
एवं,
और,
कबीर,
कमर्सिअल टैक्स,
कम्प्युटिंग,
कल्याणी,
कविता,
कहानियाँ,
कहानियां,
कहानी,
का,
कामकाजी,
कामायनी,
काव्य,
काव्यधारा,
की,
कुकुरमुत्ता,
कुबेरनाथ,
कुमारी,
कुल,
के,
कैदी,
कैसा,
कोड,
कौकिला,
क्या,
क्रम,
क्रमांक,
खण्ड,
खड़ी,
गद्य,
गुप्त,
गोदान,
ग्रंथावली,
घर,
चतुर्वेदी,
चन्द्र,
चन्द्रगुप्त,
चिन्ता,
चिन्तामणि,
चौहान,
छायावाद,
जयशंकर,
जाऐंगे।,
जान्ह्वी,
जायसी,
जीवनी,
जैनेन्द्र,
झांसी,
टापर,
डिप्टी कलेक्टर,
तुलसीदास,
त्यागपत्र,
त्रिपाठी,
दास,
देवनागरी,
द्वितीय,
द्वितीय प्रश्न पत्र,
द्विवेदी,
द्वीप,
ध्रुवतारा,
नकल,
नगेन्द्र,
नदी,
नवगीत,
नागमती,
नाटक,
नाथ,
नि:शस्त्र,
निबंध,
निमाड़ी,
निराला,
निर्धारित,
निलय,
नीलम देश की राजकन्या,
पत्नी,
पद-50,
पद्मावत,
पर,
पाठ्य,
पाठ्यक्रम,
पुरानी,
पुस्तकों,
पूछे,
पूजा,
प्रगतिवाद,
प्रथम,
प्रथम प्रश्न पत्र,
प्रदेश,
प्रमुख,
प्रयोगवाद,
प्रयोजनीयता,
प्रवृत्तियॉं,
प्रश्न,
प्रश्नपत्र,
प्रसाद,
प्रारंभिक परीक्षा,
प्रारम्भिक परीक्षा,
प्रियंवदा,
प्रेमचंद,
प्रेमचन्दोत्तर,
फणीश्वर,
ब,
बघेली,
बमनकर,
बामनकर,
बालकृष्ण,
बुंदेली,
बेटी,
बोलियॉं,
बोली,
ब्रज,
ब्रम्हराक्षस,
बड़े,
भक्तिकाल,
भट्ट,
भाग,
भारत-भारती,
भारतेन्दु,
भाषा,
भूगोल,
भ्रमरगीतसार,
म.प्र,
मध्य,
मध्यकाल,
मध्यप्रदेश,
महादेवी,
माखनलाल,
मानस,
मालवी,
मिथलेश,
मिथिलेश,
मुक्तिबोध,
में,
मैथिलीशरण,
मैला,
यात्रावृत,
युग,
रागविराग,
राजभाषा,
रानी,
राम,
रामचंद्र,
रामचन्द्र,
रामचरित,
राय,
राष्ट्रभाषा,
राष्ट्रीय,
रिपोर्ताज,
रीतिकाल,
रेखाचित्र,
रेणु,
लछमा,
लिपि,
लोक प्रशासन,
वर्मा,
वसंत,
वाणिज्यिक कर,
वापसी,
वामनकर,
विकास,
विद्याए,
वियोग,
विवर्त,
वीणा,
वीरों,
वैज्ञानिकता,
वैश्वीकरण,
व्याख्याए,
शक्ति,
शुक्ल,
शुक्लोत्तर,
श्रद्धा,
श्रद्धाभक्ति,
संख्या,
संस्मरण,
सत्येन्द्र,
समकालीन,
समसामयिकी,
समस्या,
समाधान,
समाधि,
समीक्षा,
सम्पादक,
सांस्कृतिक,
साक्षात्कार,
साखियॉ,
साखियॉं,
सामान्य अध्ययन,
सामान्य हिन्दी,
साहित्य,
साहित्य का,
सिद्धान्त,
सुखदा,
सुनीता,
सुन्दर,
सुन्दरकाण्ड,
सुभद्रा,
सूरदास,
सूर्यकांत,
से,
सैनानी,
स्वरूप,
हजारी,
हिन्दी,
हिन्दी साहित्य,
हिन्दीभाषा,
है,
हैं,
हो,
।,
। इनमें से,
betul,
bhopal,
bihar,
Civil Services Examinations,
commercial tax officer,
cto,
dc,
deputy collector,
exam,
Final Result,
General Studies,
Geography,
gorakhar,
GS,
hindi,
Hindi literature,
hindi portal,
hindi website,
history,
ias,
indias first hindi site for civil service,
Indore,
jayashankar prasad,
jharkhand,
knowledge,
List of Optional Papers for Main Examination,
Madhya Pradesh Public Service Commission,
madhyapradesh samany gyan,
Main Exam Syllabus,
mithilesh,
mithlesh,
MP GS,
mpgs,
narmada,
nirala,
Preliminary Exam Syllabus,
psc hindi,
Public Administration,
rajisthan psc,
shikhar ics,
Sociology,
sunil singh,
up,
uttarakhand,
vamankar,
vamanker,
wamankar
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: January 26, 2009
प्रयोजनमूलक हिन्दी के संदर्र्भ में ‘प्रयोजन’ शब्द के साथ ‘मूलक’ उपसर्ग लगने से प्रयोजनमूलक पद बना है। प्रयोजन से तात्पर्य है उद्देश्य अथवा प्रयुक्ति। ‘मूलक’ से तात्पर्य है आधारित। अत: प्रयोजनमूलक भाषा से तात्पर्य हुआ किसी विशिष्ट उद्देश्य के अनुसार प्रयुक्त भाषा। इस तरह प्रयोजनमूलक हिन्दी से तात्पर्य हिन्दी का वह प्रयुक्तिपरक विशिष्ट रूप या [...]
Tags:
अज्ञेय,
आदिकाल,
देवनागरी,
अपभ्रंश,
ब्रज,
अवधी,
कुकुरमुत्ता,
निराला,
जायसी,
प्रारंभिक परीक्षा,
हिन्दी साहित्य,
कबीर,
मध्यप्रदेश,
history,
GS,
राजभाषा,
ias,
Preliminary Exam Syllabus,
Main Exam Syllabus,
General Studies,
Hindi literature,
Geography,
Public Administration,
Sociology,
Civil Services Examinations,
Final Result,
Madhya Pradesh Public Service Commission,
Indore,
इतिहास,
भूगोल,
लोक प्रशासन,
सामान्य अध्ययन,
प्रारम्भिक परीक्षा,
साक्षात्कार,
इन्दौर,
पाठ्यक्रम,
exam,
mpgs,
MP GS,
madhyapradesh samany gyan,
knowledge,
mithilesh,
mithlesh,
wamankar,
vamankar,
vamanker,
gorakhar,
sunil singh,
shikhar ics,
bhopal,
betul,
narmada,
jayashankar prasad,
nirala,
hindi,
hindi portal,
indias first hindi site for civil service,
hindi website,
psc hindi,
jharkhand,
uttarakhand,
up,
bihar,
rajisthan psc,
deputy collector,
dc,
cto,
commercial tax officer,
आबकारी अधिकारी,
डिप्टी कलेक्टर,
समसामयिकी,
टापर,
नकल,
मिथिलेश,
वामनकर,
हिन्दी,
सामान्य हिन्दी,
प्रथम प्रश्न पत्र,
द्वितीय प्रश्न पत्र,
नगेन्द्र,
मिथलेश,
बामनकर,
वापसी,
कहानी,
प्रयोजनमूलक हिन्दी,
प्रयोजन मूलक हिन्दी,
prayojan moolak hindi,
साहित्य,
कोड,
संख्या,
24,
प्रश्नपत्र,
प्रथम,
भाषा,
और,
का,
खण्ड,
एक,
हिन्दीभाषा,
उद्भव,
विकास,
पुरानी,
स्वरूप,
मध्यकाल,
में,
खड़ी,
बोली,
क्रम,
की,
प्रमुख,
बोलियॉं,
बुंदेली,
बघेली,
मालवी,
निमाड़ी,
लिपि,
वैज्ञानिकता,
समस्या,
समाधान,
प्रयोजनीयता,
कामकाजी,
ब,
राष्ट्रभाषा,
से,
कम्प्युटिंग,
वैश्वीकरण,
साहित्य का,
भक्तिकाल,
रीतिकाल,
प्रवृत्तियॉं,
आधुनिक,
काव्य,
भारतेन्दु,
द्विवेदी,
युग,
छायावाद,
उत्तर,
राष्ट्रीय,
सांस्कृतिक,
काव्यधारा,
प्रगतिवाद,
प्रयोगवाद,
समकालीन,
कविता,
नवगीत,
प्रेमचंद,
प्रेमचन्दोत्तर,
उपन्यास,
आचार्य,
शुक्ल,
शुक्लोत्तर,
समीक्षा,
सिद्धान्त,
गद्य,
विद्याए,
नाटक,
एकांकी,
निबंध,
जीवनी,
संस्मरण,
आत्मकथा,
रिपोर्ताज,
रेखाचित्र,
यात्रावृत,
।,
द्वितीय,
इस,
निर्धारित,
पाठ्य,
पुस्तकों,
अध्ययन,
अपेक्षित,
है,
। इनमें से,
व्याख्याए,
आलोचनात्मक,
प्रश्न,
पूछे,
जाऐंगे।,
ग्रंथावली,
साखियॉं,
आरंभिक,
100,
साखियॉ,
सम्पादक,
- डॉ,
- श्याम,
सुन्दर,
दास,
सूरदास,
भ्रमरगीतसार,
रामचन्द्र,
क्रमांक,
21,
70,
कुल,
पद-50,
तुलसीदास,
रामचरित,
मानस,
सुन्दरकाण्ड,
पद्मावत,
नागमती,
वियोग,
जयशंकर,
प्रसाद,
कामायनी,
चिन्ता,
श्रद्धा,
सूर्यकांत,
त्रिपाठी,
रागविराग,
राम,
शक्ति,
पूजा,
मैथिलीशरण,
गुप्त,
भारत-भारती,
माखनलाल,
चतुर्वेदी,
कैदी,
कौकिला,
नि:शस्त्र,
सैनानी,
सुभद्रा,
कुमारी,
चौहान,
वीरों,
कैसा,
हो,
वसंत,
झांसी,
रानी,
समाधि,
पर,
असाध्य,
वीणा,
नदी,
के,
द्वीप,
मुक्तिबोध,
ब्रम्हराक्षस,
गोदान,
फणीश्वर,
नाथ,
रेणु,
मैला,
आंचल,
रामचंद्र,
चिन्तामणि,
भाग,
1,
श्रद्धाभक्ति,
क्या,
हैं,
निलय,
सत्येन्द्र,
बालकृष्ण,
भट्ट,
हजारी,
कुबेरनाथ,
राय,
चन्द्र,
चन्द्रगुप्त,
कहानियाँ,
एवं,
बड़े,
घर,
बेटी,
महादेवी,
वर्मा,
लछमा,
उषा,
प्रियंवदा,
कमर्सिअल टैक्स,
इंस्पेक्टर,
म.प्र,
. लोकसेवा,
आयोग,
मध्य,
प्रदेश,
वाणिज्यिक कर,
अधिकारी,
List of Optional,
Papers for Main Examination,
बमनकर
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: January 26, 2009
पं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी ने “उसने कहा था” कहानी की रचना कर न केवल हिंदी कहानी अपितु विश्व कथा-साहित्य को समॄद्ध किया हैं । वास्तविकता यह है कि उनकी प्रसिद्धि “”उसने कहा था”” के द्वारा ही हुई। “उसने कहा था” प्रेम, शौर्य और बलिदान की अद्भुत प्रेम-कथा है। प्रथम विश्व युद्ध के समय में लिखी [...]
Tags:
"उसने कहा था" कहानी और पं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी,
उसने कहा था,
गुलेरी,
पं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी,
बामनकर,
मिथलेश,
लोकसेवा आयोग,
bamankar,
mithilesh,
mithlesh,
mp psc mppsc hindi sahitya,
mppsc mp psc,
vamankar,
wamankar,
wamanker
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: January 25, 2009
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !
भारत को गण्तंत्रता आज से 59 साल पूर्व 26 जनवरी 1950 को हासिल हुइ थी। उस दिन भारत एक गणतंत्र्राज्य बना था। तब से सारे देश में 26 जनवरी गण्तंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस पर पूरे देश भर में छुट्टी मनाई जाती है। गणतंत्र दिवस पर भारत [...]
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: January 25, 2009
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !
भारत को गण्तंत्रता आज से 59 साल पूर्व 26 जनवरी 1950 को हासिल हुइ थी। उस दिन भारत एक गणतंत्र्राज्य बना था। तब से सारे देश में 26 जनवरी गण्तंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस पर पूरे देश भर में छुट्टी मनाई जाती है। गणतंत्र दिवस पर भारत [...]
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: January 8, 2009
कालिदास (375-445 ई.)
साहित्य में कालजयी रचनाएं गहन-गंभीर मानवीय अनुभवों से जन्म लेती हैं। शताब्दियों के अंतराल के बाद, नितान्त भिन्न परिस्थितियों और अवस्थाओं में भी उनमें हमें अपने अनुभवों की गूंज सुनाई देती है। श्रेष्ठ कालजयी रचनाओं में देश-काल की सीमाओं से परे गुण होते हैं। कालिदास भारत की आत्मा, सौन्दर्य और प्रतिभा के महान् [...]
Posted by: संपादक- मिथिलेश वामनकर on: October 6, 2008
आचार्य पं. रामचन्द शुक्ल हिन्दी समीक्षा के प्रथम व्यवस्थित आचार्य हैं। उन्होंने अपनी समीक्षा के जितने भी प्रतिमान गढ़े हैं, वे भारतीय काव्य-शास्त्र, पाश्चात्य काव्य-शास्त्र आदि से सम्पॄक्त होने के साथ-साथ भारतीय भक्ति-शास्त्र से सबसे ज्यादा अनुप्राणित हैं । सह्रदयता का मानदंड, या लोकमंगल का मानदंड, भक्ति साहित्य से (विशेषत: मर्यादावादी राम-भक्ति से और उसके [...]
आपकी राय