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24 Responses to "भक्तिकाल"

bhaktikal ke bare me etna kuch net per milna namumkin ha is sahayog ke liye dhanyavad.

hindi sahitya ke etihas me jo bhakti kal huaa hai usme kabir ne jo bate kahi hai unki aaj jarurat hai . har kisiko unke anusar parivartan karna chahiye .
meri yah apeksha hai kabir jaise vicharo vala vakti aaj hamare beech hona mangta hai.

आप का प्रयास अत्‍यन्‍त सराहनीय है और हिन्‍दी पट़टी के लोगों के लिए प्रेरणा प्रद है, इससे हिन्‍दी के विद्यार्थियों का लाभ तो होगा ही साथ ही साथ हिन्‍दी भाषा की महत्‍ता और पुष्‍ट होगी I
इस गुरूत्‍तर प्रयास,सोच एवं लगन आादि के लिए मैं आपकी मुक्‍त कंठ से सराहना करना चाहूंगा I
धन्‍यवाद एवं शुभकामनाएं I
कौशल कुमार भारती

very badddddddddd……

Please keep info about Bhakti kaal so that people can even gain knowledge about Bhakti kaal

this information is very much useful

kitabon ke panno me likhi vishayvastu matra ek clice per mil jaye …………………….isse jyda hindi ke vikas ki kya bat kare …………………………………dhanyawad mashay

Apka dhanyawad itni sari jankari ke liye.kripa kr bhaktikal se sambabndhit shodh karyo ki jankari pradan karne ka kast kare dahnya wad.

give little more information so that people can get details abt this

Good it is very usefulllllllllll

Kabiir was not able to write and read but his knowledge about life was marvellous . There was no one like kabir in word literature.

Kabiir was not able to write and read but his knowledge about life was marvellous . There was no one like kabir in world literature.

yah kal isliye pramukh mana jata hai ki ….is samaya samajik parivarta lane ka sasitya hame dekhane milta hain….our samaj me ekata lane ka kam santone kiya hain isliye is swarnayug kaha gaya hain…………..

HINDI KE SEVA KER AAP DESH KE SAVA KAR RAHEY HAI.AAPKA YAHA PERYAS VISAMERNIYA HAI.

kavi ke jevan parich tuti rah gaye ha

thankuuuuuuuuuuuuuuuu mai bahut khus hu…………..

aap sabhi jo hindi sahitiya ke liya jo kaam kar rahia hai wo bahot hi accha hai aap asai hi kaam kat te rahia hua aap ke saath hai

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